चरित्रहीन औरत ही क्यों ?(भाग 1)
आखिर हमारा पुरुष प्रधान समाज औरत कौन ही चरित्रहीन क्यों मानता है। क्या कभी किसी पुरुष को चरित्रहीन मानकर उसे समाज से निष्कासित किया गया है? पुरुष कितनी ही शादी कर सकता है जबकि विधवा औरत को दूसरी शादी करने पर उसे घृणा से देखा जाता रहा है।