सूखती नदियां

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सूखती नदियां


तर्क कहता है अब, हमें संभल जाना होगा, प्रकृति से जो छीना है, वो लौटाना होगा। बारिश का पानी रोकें, हर बूँद है अनमोल, जंगल फिर से लगाएँ, बढ़ाएँ उनका मोल। गंदा पानी साफ करें, न करें कोई बर्बाद, पानी बचाने का करें, हर जगह फरियाद। कम करें निर्भरता, भूगर्भ जल पर हम, बदलें जीवन शैली, कम करें ये भ्रम
लेखक : Erica

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