इंसाफ का पलड़ा
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इंसाफ का पलड़ा
दैनिक प्रतियोगिता
पारिवारिक ड्रामा
शेफाली के पति ने जब दूसरी शादी करली तब वह पंचायत पर भरोसा करके न्याय मांगने गई। वह जानती थी कि कोर्ट में भी उसीकी जीत होगी। उसका पलड़ा भकरी है।लेकिन वहाँ पैसा भी खर्च होगा। इसलिए उसने पंचायत पर भरोसा किया।
लेखक : नरेश शर्मा
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