“अधिकार की पुकार” एक साहसी युवक अर्जुन की गाथा है, जो प्रजा के अधिकारों के लिए राजा से टकराता है। कैद, संघर्ष और विद्रोह की आग से होकर वह नायक बनता है। अंततः वह राजा को परास्त करता है और रानी व राजकुमारी से विवाह कर न्याय और समानता पर आधारित नया राज्य स्थापित करता है।