अरे तू क्यों मेले के अंदर नहीं आता? वहाँ रंग-बिरंगी लाइटें लगी हैं, बहुत मज़ा है।”
अनिल हिचकते हुए बोला,
“तू जानता है ना, हमारे लिए वहाँ चढ़ना मना है। अगर मुझे किसी ने देख लिया तो हंगामा हो जाएगा।”
सुरेश कुछ पल चुप रहा और फिर ठंडी साँस भर कर बोला,
“ये सब बेकार है यार। भगवान सबके हैं, लेकिन लोग दीवार खड़ी कर देते हैं।”
अनिल ने हल्की मुस्कान दी, मगर उसके दिल की कसक छुपी रह गई।