बुज़ुर्गों का सम्मान
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बुज़ुर्गों का सम्मान
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
सम्मान उनका कर्तव्य हमारा, यह न भूलें, है रिश्ता न्यारा। हाथ पकड़ कर चलना सिखाया, अब उनकी लाठी बनना हमारा साया।
: rani
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