“कफ़न” कहानी समाज के उस कटु यथार्थ को उजागर करती है जहाँ ग़रीबी और आलस्य इंसान की संवेदनाओं को निगल जाते हैं। हरिया और रामू जैसे पात्र यह दिखाते हैं कि जब दिल पर स्वार्थ का परदा पड़ जाए तो माँ की मृत्यु और नवजात की मासूमियत भी महत्वहीन हो जाती है। यह कहानी इंसानियत और पत्थरदिलपन के बीच का संघर्ष है, जिसमें समाज की करुणा एक ओर है और स्वार्थी मनुष्य का कठोर हृदय दूसरी ओर।