प्यार के लम्हे
तेरी आँखों से जो लम्हे टपकते हैं,
वो मेरी रूह को गहराई तक छूते हैं।
तेरी हंसी में छुपे जो मीठे तराने,
वो दिल को अपने संग बहा ले जाने।
लम्हा तेरे हाथों का मेरे हाथों से मिलना,
जैसे ठंडी हवा का दिल को छू जाना।
तेरे संग बिताया हर एक पल,
मेरे लिए बन जाता है अनमोल संबल।
कभी तेरे कंधे पर सिर रखकर सोना,
तो कभी तेरी धड़कनों का संगीत होना।
तेरी बातें, तेरी खामोश नज़रें,
हर लम्हा बन जाती हैं प्यारी दास्तां गहरे।
लम्हे तेरे साथ जैसे खिले गुलाब,
जिन्हें देख मुस्कुरा उठता है हर ख्वाब।
काश ये लम्हे कभी खत्म न हों,
तेरे संग बीते और बस यूँ ही रुक जाएं।
श्वेता अग्रवाल ✍️❤️