यह कहानी लाजवंती नाम की एक युवती की है, जिसे मजबूरी में कोठे पर लाया जाता है। वहाँ वह गाना-बजाना सीखकर सबको मोह लेती है, लेकिन भीतर से हमेशा आज़ादी की तलाश करती है। उसकी मुलाकात राघव से होती है, जो उसे एक इंसान की तरह सम्मान देता है और उसे इस जीवन से मुक्त कराने का संकल्प लेता है। कई संघर्षों और समाज के विरोध के बावजूद, राघव लाजवंती से विवाह करता है और उसे नई पहचान दिलाता है।