जब तू पहली बार मेरी बाँहों में आई,
लगता था जैसे दुनिया मुझे मिल पाई।
तेरी मासूम आँखों में जो चमक थी,
वो मेरे जीवन की सबसे बड़ी झलक थी।
तेरी हर किलकारी ने दिल को सजाया,
तेरे संग मैंने नया जीवन पाया।
तेरे कदमों की आहट से घर महकता,
तेरे बिना तो हर कोना सूना लगता।
जब तू बीमार होती है तो मैं टूट जाती हूँ,
तेरे छोटे दर्द से भी घबराती हूँ।
दुआओं से ढक दूँ तुझे हर पल मैं,
तेरी हिफ़ाज़त में ही चैन पाती हूँ।
तेरे सपनों की उड़ान ऊँची हो मेरी जान,
तेरी मुस्कान बने मेरी पहचान।
सदा तेरा चेहरा ऐसे ही खिले प्यारी,
तू ही तो है माँ की सबसे लाडली दुलारी।
श्वेता अग्रवाल