मेरी लाडली
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मेरी लाडली
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
यह कविता एक पिता/माँ के दिल से निकली दुआ है, जिसमें अपनी लाडली के लिए अनंत प्यार और उसकी खुशियों की कामना समाई है। हर पंक्ति में लाडली के मासूम चेहरे और उसकी मुस्कान से जुड़ी जीवन की रोशनी झलकती है।
: विजय सांगा
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