सूर्योदय
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सूर्योदय
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
रात का अंधियारा छंटने लगा है, सूर्योदय के साथ एक नया सवेरा हुआ है, सूर्योदय की किरणों से धरती मुस्कुरा उठी है, उगते हुए सूरज की लालिमा अपने रोशनी से हमारे जीवन में ऊर्जा भरती है,
लेखक : Mahima
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