"तेरे शहर की खुशबू"

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"तेरे शहर की खुशबू"


यह कविता प्रेम और एहसासों की गहराई को दर्शाती है। इसमें एक प्रियतम के शहर की ख़ुशबू को रूपक बनाकर उस अनकहे जज़्बात को व्यक्त किया गया है, जो हर गली, हर हवा के झोंके और हर मोड़ पर प्रेमी की यादों को ताज़ा कर देती है।
: Jashan

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