"मौत से पलायन" एक युवक अर्जुन की मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक यात्रा है, जहाँ गलती से जन्मा अपराधबोध उसे मौत के साये तक ले आता है। भय, पछतावा और संघर्ष से गुजरते हुए वह सीखता है कि प्रायश्चित कर्मों से होता है। सच्ची मुक्ति दूसरों की मदद करने में ही छिपी है।