"सबर का गीत" एक गीतात्मक कविता है जो धैर्य और सहनशीलता की महत्ता को उजागर करती है। इसमें जीवन की कठिनाइयों और तूफ़ानों के बीच सब्र को दीपक की तरह दर्शाया गया है, जो इंसान को टूटने नहीं देता और उम्मीद की लौ जलाए रखता है। यह कविता पाठकों को सिखाती है कि सब्र केवल इंतज़ार नहीं, बल्कि एक शक्ति है जो हर अँधेरे को रोशन कर देती है।