नदी की पुकार
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नदी की पुकार
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
नदी सिर्फ़ जलधारा नहीं, जीवन का दर्पण है, उसकी पुकार में सफ़र, सब्र और सत्य का चयन है। वह हमें सिखाती है...चलते रहो हर परिस्थिति में, क्योंकि बहना ही अस्तित्व है, और ठहरना पतन है...✍️
: Sukoon Bazzad ✍️
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