जिम्मेदारी के तले गुम हुआ बचपन
“गुम हुआ बचपन” राज नाम के उस मासूम बच्चे की कहानी है, जो दस साल की उम्र में ही परिवार का सहारा बन जाता है। खेल और पढ़ाई की जगह काम और जिम्मेदारियाँ उसके हिस्से आती हैं। यह कहानी हर उस बचपन की पुकार है, जो समय से पहले बड़ा हो जाता है।