आतंकवाद (स्वैच्छिक)

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आतंकवाद (स्वैच्छिक)


धर्म का नाम लेकर खेला खेल, नफरत की दीवारें ऊँची और ढेर। मानवता को बाँट रहे टुकड़ों में, शांति को डुबो दिया आँसुओं के सागरों में।
: Writer Dev

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