"कॉफी वाली दोस्ती" एक ऐसी रचना है जो दोस्ती की गर्माहट और अपनापन को कॉफी की चुस्की से जोड़कर पेश करती है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे छोटी-छोटी मुलाकातें, हंसी–मज़ाक और अनकहे लम्हे रिश्तों को और गहरा बना देते हैं। यह कविता हर उस दोस्त के नाम है, जिसके साथ कॉफी का कप सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि यादों का ज़रिया बन जाता है।