ट्रेन की रफ्तार ने उसके मन में पुरानी यादें ताज़ा कर दीं। उसे याद आया, जब पहली बार बनारस से दिल्ली आई थी तो उसके सपनों की गठरी बहुत बड़ी थी। उसे लगा था कि दिल्ली की चमक-धमक उसके जीवन को भी रोशन कर देगी। लेकिन सपनों और हकीकत के बीच का फासला उसे बहुत भारी पड़ गया।