गांव की बेटी, शहर का सपना
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गांव की बेटी, शहर का सपना
दैनिक प्रतियोगिता
छोटी कहानियां
गांव की बेटी गौरी ने हालातों से लड़ते हुए अपने सपनों को शहर में मुकाम दिया और फिर लौटकर अपने गांव की बेटियों को भी उड़ान देना सिखाया। उसकी कहानी हिम्मत, उम्मीद और बदलाव की मिसाल है।”
: विजय सांगा
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