...............................................…...........
.....लेकिन फिर भी मैं मुस्कराता हूँ,
उनकी याद में।
लेकिन फिर भी मैं आशा रखता हूँ,
कि वो एक दिन समझेंगे मेरी बातें।
शायद वो समझ जाएं मेरी बात,
शायद वो मान जाएं मेरी बात।
शायद वो भूल जाएं अपनी नाराजगी,
शायद वो मुझे माफ कर दें।
तब मैं फिर से मुस्कराऊँगा,
तब मैं फिर से जीऊँगा।
तब मैं भूल जाऊँगा दर्द,
तब मैं फिर से प्यार करूँगा...