सन्नाटा कुछ कहता है।

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सन्नाटा कुछ कहता है।


यह कविता उस खामोशी की गहराई को दर्शाती है, जो शब्दों से कहीं अधिक बोलती है। “सन्नाटा कुछ कहता है” हमें यह अहसास दिलाती है कि जीवन के हर शोर, हर हलचल के पीछे एक शांत भाषा छिपी होती है, जिसे केवल दिल महसूस कर सकता है। यह कविता आत्ममंथन, अधूरी चाहतों, और भीतर की आवाज़ को पहचानने की कोशिश है। इसमें सन्नाटे को दर्द, आशा और आत्मीय संवाद के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
: Jashan

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