ये कहानी आज के बदलते समाज की है।
हर तरफ पैसा के बोलबाला है। जिसे देखो वो पैसे का भूखा है। कुछ अच्छे लोग भी है जो इन बातो में विश्वाश नहीं रखते है। एक ऐसी ही कहानी लिख रहा हु जो रियल है।
*आधुनिक दहेज प्रथा*
मै एक इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स हु और आपको अपना अनुभव शेयर करना चाहता हूं। हो सकता है कि मेरा suggestion सही हो या गलत भी हो सकता है।
आप अपने राय dhirendra.code@gmail.com पर सेंड कर सकते हैं।
आज के समय में दहेज प्रथा एक प्रथा नहीं हैं फैशन हो गया है।
जो जितना एजुकेटेड है वो उतना ही दहेज ले रहा है।
इस बात के प्रूफ के लिए मै एक शॉर्ट स्टोरी शेयर करना चाहता हूं। मेरे जाति के लोग बहुत सम्पन्न होते है। ये उस यूथ की स्टोरी है जो गवर्मेंट टीचर है प्राइमरी स्कूल में। उनकी सैलरी high hai । उनकी शादी के लिए बहुत से रिश्ते आए लेकिन पैसे के चलते कोई रिश्ता नहीं हुआ। वहीं एक पार्टी ने एक गाड़ी और अधिक कैश पैसा दिया । और शादी तय हो गईं।
जबकि लड़की कोई सुंदर नहीं है।
न ही face सही है फिर भी पैसे पर शादी हो गई।
हमने बहुत पैसा कमाया है।
किसी के कुछ धन देने से किसी का क्या भला हो पाया है।
दुल्हन ही दहेज है।
यही सबको अपनाना है।
*तो ये दम है दहेज में।*
एक और स्टोरी शेयर करना चाहता हु जो उनके अंकल के बेटे है। वो भी लेखपाल हैं।
बट वो रुपए पर नहीं गए उन्होंने एक अच्छी सुंदर लड़की से शादी की बहुत कम दहेज में।
समाज में ऐसी बात होनी चाहिए।
*क्या दहेज प्रथा सही है*
मेरी राय में तो दहेज प्रथा बिल्कुल गलत है। आप अपने बेटी को अच्छी एजुकेशन दे वही एक अच्छा दहेज है। क्योंकि एक एजुकेटेड लड़की आपके घर के कई पीढ़ी को बना सकती हैं।
इसलिए शादी सोच समझ कर करे । कभी भी दहेज के लिए शादी न करे।क्योंकि एक स्त्री किसी घर को बना सकती है और बर्बाद भी कर सकती हैं।
बेटी बोझ नहीं वरदान है।
उसकी मुस्कान से ही सारा जहान है।
उसे दहेज नहीं सम्मान दे।
उसे उसका असली अधिकार दे।
*दहेज प्रथा को कैसे रोके।*
आज के समय में हर कोई धीरे धीरे एजुकेटेड हो रहा है। मेरी सभी यूथ भाई से निवेदन है कि हम इस देश के फ्यूचर है। और हम ही कुछ बदलाव कर सकते हैं। अतः आप सभी लोगों से निवेदन है कि आप लोग दहेज न ले।
बेटी को पढ़ाओ, बेटी को बढ़ाओ,
दहेज नहीं, उसे अधिकार दिलाओ।
जो कहे दहेज चाहिए उसे,
ऐसे रिश्ते से इंकार जताओ।
✒️✒️ *धीरेन्द्र कुमार सिंह*