कविता परिचय
"वो चिट्ठी जो भेजी न गई" एक ऐसी कहानी है जो शब्दों में बसी खामोशियों को बयान करती है। यह कविता एक लड़की के दिल की गहराइयों से निकली है, जिसने अपने जज़्बात काग़ज़ पर उतारे, पर उन्हें कभी भेज न सकी। हर पंक्ति में अधूरी मोहब्बत का दर्द, इंतज़ार की कसक और अनकहे इज़हार की मासूमियत छिपी है। यह सिर्फ़ चिट्ठी नहीं, एक दबी हुई धड़कन की गवाही है।