“माँ का हौसला” राधिका की संघर्षमयी यात्रा है, जहाँ वह एकल माँ बनकर समाज की तानों, आर्थिक तंगी और अकेलेपन से जूझती है। लेकिन बेटी अन्वी के लिए उसका अटूट हौसला हर मुश्किल को मात देता है। यह कहानी साबित करती है। प्यार और साहस से हर अंधेरा रोशन हो सकता है।