“गुमनामियां” लेखक विवेक राठौड़ की आत्मा का सफ़र है, जहाँ उसकी छुपी रचनाएँ अलमारी से निकलकर दुनिया तक पहुँचती हैं। गुमनामी से पहचान की यह यात्रा दिखाती है कि सच्ची कहानियाँ कभी कैद नहीं रह सकतीं वे अपना रास्ता ढूँढ ही लेती हैं और दिलों में जगह बना लेती हैं।