अनोखा बंधन ( लेखक और स्याही का )
यह कहानी एक लेखक विवेक और उसकी कविताओं व कहानियों के बीच अनोखे बंधन की है। शब्द उसके साथी, शिक्षक और कसौटी बन जाते हैं। यह रिश्ता उसे दर्द और संघर्ष से गुज़ारते हुए अमर रचनाओं तक पहुँचाता है। “अनोखा बंधन” आत्मा और लेखन की अमरता की यात्रा है।