किन्नर का श्राप
Added Successfully to library!
किन्नर का श्राप
दैनिक प्रतियोगिता
छोटी कहानियां
एक गांव की गलियों में छिपा है किन्नर का अनसुना श्राप – जो पीढ़ियों से खून और खामोशी में जिंदा है। सवाल ये है कि कौन उस अंधेरे सच को जानकर भी ज़िंदा लौट पाएगा?
लेखक : विजय सांगा
Add To Library
25
Views
5
Ratings
8 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप