राम–कृष्ण भक्ति
राम में दिखता मर्यादा का प्रकाश,
कृष्ण में छलकता प्रेम का उल्लास।
वनवासी राम ने धर्म निभाया,
मुरलीधर कृष्ण ने रास रचाया।
राम के वचनों में सत्य की शान,
कृष्ण के गीतों में गीता का ज्ञान।
राम देते त्याग और धैर्य का पाठ,
कृष्ण सिखाते स्नेह का साथ।
अयोध्या से लेकर गोकुल की राह,
भक्ति में दोनों का मिलता है चाह।
राम का नाम मन को स्थिर करे,
कृष्ण का नाम हृदय को नाच उठे।
राम-कृष्ण दो रूप अनोखे,
भक्ति में दोनों लगते एक से।
जहाँ प्रेम, त्याग और सत्य का संगम,
वहीं मिलता है सच्चा जीवन-मंगल।