स्याही vs लेखन मंच

client-img

स्याही vs लेखन मंच


यह कहानी लेखक विवेक राठौड़ की है, जो साहित्यिक मंच के अहंकारी दरबार से टकराता है। उसे दरकिनार किया जाता है, पर उसकी कलम हार नहीं मानती। सच्चे शब्दों और पाठकों के विश्वास से वह साबित करता है कि स्याही ही असली ताक़त है, तख़्त नहीं।

19

Views

5

Ratings

7 Min

Duration


  • लाइब्रेरी

  • श्रेणी

  • लिखे

  • अपडेट

  • शॉप