सवैच्छिक
Added Successfully to library!
सवैच्छिक
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
हर लफ़्ज़ में मीठी बातें, पर नीयत में थी खोट। सपनों के महल सजाए, पर दिल में था बस धोख।
: rani
Add To Library
27
Views
5
Ratings
1
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप