माखन चोर नंदकिशोर,
सखियों के मन का सिरमौर।
गोकुल की गलियों का प्यारा,
सबके दुख हरने वाला सहारा।
मुरली की मधुर तान सुनाए,
हर जीव के मन को भाए।
यशोदा के लाल की छवि निराली,
शोभा जिसकी जग से न्यारी।
गायों संग वन में विचरते,
भक्तों के दुख हृदय से हरते।
राधा के प्रेम का सच्चा प्रमाण,
कृष्ण बिना जीवन सुनसान।
नटखट भी, दयालु भी हैं,
साक्षात परमात्मा के समीप भी हैं।
गोपाल नाम जपो दिन-रैन,
मिट जाएँ जीवन के सारे चैन।