गोपाल
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गोपाल
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
"वृन्दावन की छाँव में झूले पर विराजे नन्हे गोपाल, पीताम्बर, मोरपंख और मुरली संग, चारों ओर गूँजते भजन, बहती पवन, और प्रेम भक्ति से भरा दिव्य वातावरण।"
: साइलेंट लफ्जो का सफर
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