दोस्ती
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दोस्ती
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
स्वैचिछक ( दोस्ती ) दोस्ती कुछ ऐसी होती सुदामा व कान्हा की जोड़ी हो माँगे जो कुछ भी नहीं पर उसकी इच्छा पूरी हो शरमिंदगी की कोई जगह नहीं दोस्ती के लिए सब कुछ न्योछावर हो
: malwin
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