तन्हा लम्हे
Added Successfully to library!
तन्हा लम्हे
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
ज़िंदगी की भीड़भाड़ में जब सब कुछ थम जाता है ... तब कुछ लम्हें ऐसे भी आते हैं जो तन्हा होते हुए भी हमारी मुलाक़ात 'खुद' से करा जाते हैं.... ✍️❤️
लेखक : Sukoon Bazzad ✍️
Add To Library
30
Views
5
Ratings
1 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप