आईना झूठ बोलता नहीं
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आईना झूठ बोलता नहीं
दैनिक प्रतियोगिता
छोटी कहानियां
एक तलाकशुदा महिला की आत्म-साक्षात्कार की यात्रा, जहाँ शहर की भीड़ में उसका एकमात्र साथी उसका आईना बनता है, जो न उसे ढाँढस देता है, न झूठ कहता है। ये कहानी एक औरत के भीतर पल रहे सवालों, अकेलेपन और खुद से दोबारा जुड़ने की सच्ची और गहरी झलक है।
: विजय सांगा
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