दूर होकर भी पास हो
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दूर होकर भी पास हो
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
दूर होते हुए भी पास हो तुम , क्योंकि सबसे अलग और , मेरे दिल के खास हो तुम , तुम करीब रहो या दूर , उससे फर्क नहीं पड़ता है, फर्क तो उस मोहब्बत में होती हैं , जिसमें पास होकर भी , साथ होकर भी , अधूरा सा लगता है ,
लेखक : Mahima
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