खामोशी की आवाज
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खामोशी की आवाज
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
ख़ामोशी भी एक गहरी भाषा है, जो बिना बोले सब कह जाती है। दिल के जज़्बात जब शब्दों में ना उतरें, तब ख़ामोशी बोल उठती है। ये कभी प्यार की मिठास होती है, तो कभी जुदाई का दर्द। जो इसे समझ ले, वो सच्चे एहसास की गहराई को जान लेता है।
लेखक : Anu
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