ओस की बूँद
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ओस की बूँद
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
ओस की बूँद गिरने से नहीं डरती भगवान की मर्जी से चलती अगर गिर जाए वह समुंदर में फिर वह ओस की बूंद न रह पाती समुंदर वह बन जाती
: malwin
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