ये कहानी सूरज के एक दिन की मस्ती भरी मुसीबतों का मजेदार किस्सा है, जो हमें हँसाते हुए ये भी दिखाती है कि हमारी जिंदगी कितनी मोबाइल पर निर्भर हो गई है। लेकिन कभी-कभी, बिना फोन के भी जिंदगी में हँसी और मजा आ सकता है, बशर्ते आप सूरज की तरह हर मुसीबत को हँसी में उड़ा सकें!