एक गलती
Added Successfully to library!
एक गलती
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
इस कविता में लड़की अपनी बीती गलतियों को याद करके पछता रही है। वो अब भी उस रिश्ते का बोझ उठा रही है जिसमें प्यार कहीं था ही नहीं और वो उसी प्यार की सजा हर दिन भुगत रही है।
लेखक : dil_seee_shayriii
Add To Library
20
Views
5
Ratings
1
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप