तेरे नाम की खुशबू
Added Successfully to library!
तेरे नाम की खुशबू
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
"तेरे नाम की ख़ुशबू" एक नाज़ुक सी कविता है, जो जुदाई में भी मौजूद मोहब्बत की महक को महसूस कराती है। ये कविता उन लम्हों की बात करती है, जब कोई दूर होकर भी दिल के बहुत करीब होता है। हर पंक्ति में बसी है वो ख़ुशबू, जो यादों से नहीं, रूह से आती है।
: विजय सांगा
Add To Library
24
Views
5
Ratings
1 Min
Duration
लाइब्रेरी
श्रेणी
लिखे
अपडेट
शॉप