मैं ......
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मैं ......
कविता
हमे नही पता कोन कोन हमसे नाराज है । मैं हमेशा अपनों की खुशी चाहती हू पर कर नही पाती। क्योंकि मैं दूसरी की मदद के चक्कर में अपनों को भूल जाती हूं। बस यह एक कमी है जो हम सुधार नहीं पाए। जिसके चले अपने ही मुझे दूर चले जाते है । I am really sorry 😔.
: MissInkAura
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