ये कहानी नूर और देव के अनन्त प्रेम की है, जो जन्मों से एक-दूसरे के लिए तड़प रहे हैं। नूर, अपनी आत्मा के साथी देव की तलाश में है, जबकि देव इस जन्म में रोहन के रूप में मौजूद है। रोहन के सपनों में एक रहस्यमय लड़की आती है, जो उसे एक ऐसी जगह बुलाती है जहां कोई अकेला नहीं जा सकता।
एक दिन, रोहन अपने दोस्त के साथ उस जादुई जगह पर पहुँचता है और वहां उसे श्रुति मिलती है। श्रुति से मिलने के बाद, रोहन को लगता है कि वह वही लड़की है जो उसके सपनों में आती है। लेकिन घटनाएं तेजी से बदलती हैं जब रोहन को फिर से एक सपना आता है, जिसके बाद उसे लगता है कि श्रुति उसके सपनों की लड़की नहीं है।
रोहन का मन उदास हो जाता है, और वह लौट जाता है। परंतु, उसे इस बात का अंदाजा नहीं है कि कोई चुपके से उसके सपनों का फायदा उठाने के लिए साजिश कर रहा है। उस रहस्यमय शख्स ने श्रुति को एक मोहरे की तरह इस्तेमाल किया है, जिससे रोहन को उदास करना और उसके खिलाफ साजिश करना उसका लक्ष्य है।
बंधन सात जन्मों का