मिलन की आस
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मिलन की आस
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
मिलन की आस कुछ ऐसे रहती है हर चेहरे में मुझे तुम दिखती है जब पड़ती है बारिश, उन बारिश की बूंदों में भी तुम्हारी तस्वीर नजर आती है!!!
: malwin
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