अनन्या और श्रेयांश अब साथ हैं अपने पुराने घाव भरते हुए।
कभी जो सपनों में आता था अब वो उनकी असलियत बन चुका है।और किले की वो दीवारें... अब गवाह हैं उस प्यार की, जो वक्त को भी हरा गया। उन दोनो ने उस शहर उस देश को छोड़कर सिंगापुर मे एक नई लाइफ शुरु करदी हंसी खुशी के साथ।।।।