आखिर कब तक
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आखिर कब तक
दैनिक प्रतियोगिता
कविता
आखिर कब तक ,न्याय मिल ना पाएगा क्यों वह इतनी देर लगाएगा,पैसे वाला क्यों जीत जाएगा,जिसके साथ हुआ अन्याय,वह क्यों न्याय के लिए धक्के खाएगा,जो लेने जाए न्याय , उसको ही बूरा क्यों,कहा जाएगा, न्यायधीश झट से फैसला क्यों ना दे पाएगा, कोई तो हमें समझाएगा.……
लेखक : malwin
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