अक्सर जिंदगी में रिश्ते बन्धन बन जाते है.... और ये बन्धन आपकी आदत बन जाते है.... इनसे बंधकर हम बहुत कुछ खो देते है। स्पेशली वजूद....जो आप वास्तव में है वो नही रह जाते... और ऐसे हालातो से सबसे ज्यादा सफर करती है बेटी/बहन/ मां/ बहु... क्योंकि इनसब में बंधकर वो भूल जाती हैकि वो एक लड़की भी है, जिसका खुद भी कोई वजूद है। इसी बन्धन से निकलने की एक कोशिश मेरी भी है।】