मेरी कल्पनाएं
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मेरी कल्पनाएं
कविता
कविता
मेरी कल्पनाएं कुछ कहती है पर दुनिया दूर से बातें करती है क्या यह कर पाएगी , देख-देख दुनिया हँसती है, एक दिन कल्पनाएं मेरी सच्च हो जाएं तो इनके मुख से हँसी गायब हो जाए, भगवान करे वह दिन जल्दी से आ जाए....
: malwin
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